सरकार ये बताने का कष्ट करे कितने लोगो पर झूठे SC ST एक्ट लगा*

? क्या दोषी सबूत के आभाव में बरी हुए या दोषियों ने साबित किया शिकयत कर्ता दोषी है उसने झूठे मुकदमे दर्ज किए ?

कोई आंकड़ा है सुप्रीम कोर्ट या सरकार के पास ?

कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग IPC 498 एक्ट का होता है, डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट 2005 का भी सबसे अधिक दुरुपयोग हो रहा है और IPC 376 का भी !

पुलिस इन कानूनों का सबसे ज्यादा दुरुपयोग करती है, खासकर कमजोर तबकों पर, IPC सेक्शन 41, 41A और 41B

मजिस्ट्रेट IPC 167 का सबसे अधिक दुरुपयोग करते है !

498 और DV एक्ट 2005 में महिलाओं को अपार शक्ति सहूलियत प्रदान किया गया है, जिसका बेजा इस्तेमाल पत्नी अपने पति और पूरे ससुराल पक्ष के खिलाफ करती है !

90% दहेज़ उत्पीडन और घरेलु हिंसा आरोप झूठे होते हैं, मसला अधिक से अधिक रुपये एठने का होता है !

मैं नही कहता दहेज़ और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के कानून को कमज़ोर किया जाए, मैं एक लड़की का पिता हूँ मुझे ज्ञान है महिलाओं की तकलीफों का !

लेकिन अगर फैमिली मैटर सारे के सारे फैमिली कोर्ट में चले और केस की सुनवाई फ़ास्ट हो तो पीड़ितों को जल्दी न्याय मिलेगा !

पुलिस भी IPC सेक्शन 41 का बहोत ज्यादा दुरुपयोग करती है. आप सड़क पर चल रहे हो अपने घर जा रहे हो अचानक से पुलिस की जीप आपके सामने रूकती है और पुलिस कहे चलो गाडी में बैठो !

तो आप सोचोगे मैं ना कोई अपराधी हूँ ना मैंने कोई जुर्म किया है फिर पुलिस मुझे क्यों अरेस्ट कर रही है !

सेक्शन 41 के अनुसार पुलिस आपको शक़ के आधार पर गुरफ्तार कर सकती है, फिर आपको पुलिस स्टेशन में ले जाकर पिटेंगे किसी और का किया हुआ जुर्म आप को कबूल करने को कहेंगे !

आप नही मानोगे दूसरे दिन नियम अनुसार आपको कोर्ट में पेश किया जायेगा, पुलिस का सरकारी वकील झूठे आरोप लगाकर पुलिस कस्टडी की मांग करेगा !

मैजिस्ट्रेट IPC सेक्शन 167 का इस्तेमाल कर आपको 15 दिन की पुलिस कस्टडी में भेझ देगा !

इन 15 दिन में पुलिस आपको नर्क के दर्शन करा देगी !

देखा आपने बिना सबूत बिना जुर्म किए आप पर किस कानून का सबसे ज्यादा दुरूपयोग हो रहा है !

इस सब ब्रिटिश काल में बने कानूनों से अब सबसे ज्यादा ओबीसी एससी एसटी और मुस्लिम समुदाय पीड़ित है !

सिर्फ SC ST एक्ट को बदनाम कर कमजोर करना गलत है, सुप्रीम कोर्ट को माफ़ी मांग कर अपना फैसला वापस लेना चाहिए !

*RSSP*

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